पंचायत राज मंत्री ने 73वें संविधान संशोधन के विषयो पर बैठक में की चर्चा

News Hindi Samachar

देहरादून:  पंचायती राज मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में संविधान के 73वें  संशोधन से संबधित 29 विषयों के विभागीय अधिकारियों की बैठक हुई । बैठक में मंत्री द्वारा पंचायतों को सशक्त करने के राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया गया तथा विभागीय अधिकारियों का आह्वान किया गया कि सशक्त पंचायतें ग्रामीण विकास हेतु अत्यंत आवश्यक है। अतः ग्राम पंचायत स्तर पर किए जाने वाले समस्त विकास कार्यों को पंचायती राज संस्थाओं की जानकारी में लाना अत्यंत आवश्यक है ।

संदर्भ में विभागीय रोड मैप प्रस्तुत करें । राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान हैदराबाद से आये विशेषज्ञों द्वारा अन्य राज्यों के उदाहरण दिए गए जहां पर पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण से विकास की गति को तीव्र किया जा रहा है। इसी क्रम में छह राज्यों का अध्ययन राष्ट्रीय ग्रामीण विकास में पंचायती राज संस्थान द्वारा किया जा रहा है।

विभागीय सचिव हरिचन्द्र सेमवाल द्वारा अधिकारियों का स्वागत करते हुए पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा संविधान में निर्देशित कदम उठाए जाने का आह्वान किया। साथ ही उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम 2016 में जिन विषयों के संबंध में पंचायत को जिम्मेदारी दी गई है। उनके संदर्भ में विभागों द्वारा एक्टिविटी मैपिंग करने का भी अनुरोध किया गया।

मंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं के सुदृणीकरण की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सभी अधिकारियों से अपील की के निश्चित समय अवधि में जो सूचनाओं पंचायती राज विभाग द्वारा चाही गई है, उनको उपलब्ध करा दें जिससे कि आगे की का रोड मैप तैयार किया जा सके।

बैठक में निधि यादव निदेशक पंचायतीराज ने पंचायतों में गठित स्थाई समितियों की मजबूती, ग्राम पंचायत विकास योजना में रेखीय विभागों की भागीदारी पर बल दिया ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

शुष्क सर्दी से बढ़ा बिमारियों का खतरा

देहरादून: उत्तराखंड के पहाड़ों में भीषण ठंड से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी से लोगों की परेशानी में इजाफा हो गया है। वहीं, मैदानी इलाकों में हल्की चलती हवा से भी सर्द चुभन सा अहसास हो रहा है। मैदानी इलाकों में शुष्क सर्दी का अहसास […]
शुष्क सर्दी से बढ़ा बिमारियों का खतरा

You May Like