विकासनगर: जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा विधायक निधि 3.75 करोड़ से बढ़ाकर 5.0 करोड कर दी गई है, जबकि हकीकत यह है कि इस विधायक निधि का 30-40 फीसदी पैसा ही धरातल पर लगता है और जो लगता है, वो साल भर के भीतर ही नष्ट हो जाता है यानी एक तरह से कमीशन खोरी एवं धन को ठिकाने लगाने भर का जरिया बन चुका है।
नेगी ने कहा कि प्रदेश में आर्थिक रूप से कंगाल हो चुके कई परिवार आत्महत्या कर चुके हैं तथा कई कगार पर हैं, ऐसे में इन परिवारों का जीवन बचाना उनको आर्थिक रूप से मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी बनती है। गरीबों के उत्थान के लिए सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए। नेगी ने कहा कि हाल ही में सरकार द्वारा सवा करोड़ रूपया विधायक निधि में वृद्धि की गई है, उसको हर विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान विधायक, विपक्ष एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम गठित कर गरीब परिवारों का सत्यापन कर उनके उत्थान में लगना चाहिए,जिससे उनका जीवन बच सके द्यआलम यह है कि कई छोटे व्यापारी, किसान, रोजगार से वंचित हुए एवं दिहाड़ी मजदूरी करने वाले आकंठ कर्ज में डूब चुके हैं तथा पारिवारिक जिम्मेदारी उठाने में लाचार हो चुके हैं, इनको चिन्हित किया जाना आवश्यक है। पत्रकार वार्ता में मोर्चा महासचिव आकाश पंवार व दिलबाग सिंह मौजूद रहे।
आपदा प्रबंधन में उन्नत तकनीकों के उपयोग पर अंतर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव कार्यशाला कल, मुख्यमंत्री धामी होंगे मुख्य अतिथि
Mon Mar 20 , 2023
देहरादून: मंगलवार को आपदा प्रबंधन में उन्नत तकनीकों के उपयोग पर अंतर्राष्ट्रीय कॉन्क्लेव विषयक कार्यशाला का आयोजन उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा फेयरफील्ड बाय मैरिएट देहरादून में किया जा रहा है। इस अन्तराष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में मा. मुख्यमंत्री धामी एवं विशेष अतिथि के रूप में […]

