सरकार को कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए किस चीज ने प्रेरित किया, यह स्पष्ट नहीं है: मिश्रा

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बसपा नेता ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि चुनाव के कारण कानूनों को वापस ले लिया गया है या सरकार चुनाव के बाद उन्हें फिर से लागू करेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने पहले कानून वापस ले लिया होता तो किसानों की जान बचाई जा सकती थी।

मथुरा। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता सतीश मिश्रा ने केंद्र के कृषि कानूनों को वापस लेने के फैसले के बारे में आशंका व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि यह अब तक स्पष्ट नहीं है कि केंद्र सरकार इन्हें वापस क्यों ले रही है।

उन्होंने कहा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के बाद इन्हें फिर से पेश किया जाएगा। उन्होंने निर्णय में देरी पर भी सवाल उठाया और कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान लगभग 800 किसान मारे गए हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग की। मिश्रा ने कहा कि सरकार को इन काले कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर किया गया है, लेकिन इन्हें वापस लेने का कारण अब तक स्पष्ट नहीं है।

बसपा नेता ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि चुनाव के कारण कानूनों को वापस ले लिया गया है या सरकार चुनाव के बाद उन्हें फिर से लागू करेगी। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने पहले कानून वापस ले लिया होता तो किसानों की जान बचाई जा सकती थी।

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