कृषि मंत्री गणेश जोशी ने काश्तकारों और जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक

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चंपावत: चम्पावत के गोरलचौड़ स्थित गोलू देवता के दर्शन करने के उपरांत शुक्रवार को को ग्राम्य विकास, कृषि उद्यान व सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी मुख्यमंत्री कार्यालय पंहुचे। यहां उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों व काश्तकारों के साथ बैठक की। उन्होंने इस दौरान जिले में औद्यानिकी के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों एवं संभावनाओं के बारे में जानकारी ली। बैठक में मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि जनपद चंपावत को एक मॉडल जिला बनाया जा रहा है। शीघ्र ही चंपावत को हॉर्टिकल्चर का हब बनाया जाएगा। इस क्षेत्र में अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। यहां सेब, कीवी, लीची, अखरोट के साथ ही संतरा, माल्टा की खेती के उद्यानों को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने मौके पर उपस्थित निदेशक उद्यान को निर्देश दिए कि जनपद चंपावत में संतरा, माल्टा एवं नींबू प्रजाति के पौधे को विकसित करने हेतु पंतनगर के वैज्ञानिकों की सहायता से यहां शोध कार्य कराए जाने के साथ ही फल-पौधों को विकसित किया जाए। उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी को चंपावत को उद्यान के क्षेत्र में और अधिक कार्य करते हुए काश्तकारों को औद्यानिकी के क्षेत्र से जोड़़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद चंपावत में मौन पालन की अधिक संभावना के मद्देनजर यहां पर च्यूरा के पौधे का रोपण करें तथा मौन पालन को बढ़ावा देने हेतु लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें। मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार बृजवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों से व कोका कोला कंपनी के सहयोग से चंपावत जिले में 100 सेब के बागान लगाए जा रहे हैं। प्रत्येक बागान में 250 उन्नत प्रजाति के सेब के पौध निःशुल्क लगाए जा रहे हैं। इससे पूर्व मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचने पर मंत्री गणेश जोशी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में रुद्राक्ष के पौधे का भी रोपण किया।

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