#टोंक का मालपुरा कस्बा साल 1992 में हुए सांप्रदायिक दंगों के बाद से ही संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। यहां बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच पिछले तीन दशक के दौरान कई बार संघर्ष हुए। जिसकी वजह से भविष्य की परिस्थितियों को लेकर लोग आशंकित रहते हैं। टोंक। राजस्थान […]
