फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा: आयोग ने किए अहम बदलाव, नए प्रश्नपत्रों से होगी परीक्षा

News Hindi Samachar
देहरादून: उत्तराखंड में पटवारी भर्ती का पेपर लीक होने के बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर बड़े बदलाव किए हैं। यह बदलाव प्रश्नपत्र से लेकर आयोग की गोपनीय प्रक्रिया के बताए जा रहे हैं। राज्य लोक सेवा आयोग की आठ जनवरी को हुई पटवारी भर्ती का पेपर पिछले सप्ताह लीक होने के बाद परीक्षा रद्द हो गई थी। आयोग ने मामले को गंभीरता से लिया। आयोग की सबसे बड़ी फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा 22 जनवरी को प्रस्तावित है। सूत्रों के मुताबिक, आयोग ने परीक्षा के लिए जो पेपर पाइपलाइन में लगाया था, उसे हटा दिया है। चूंकि, आयोग के पास प्रश्नपत्रों के कई सेट और हजारों की संख्या में विशेषज्ञों से आए हुए प्रश्न रहते हैं। लिहाजा, आयोग ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा के लिए दूसरे सवालों का पेपर तैयार कर लिया है। हालांकि, आयोग के एक अधिकारी का कहना है कि परीक्षा की पूरी प्रक्रिया गोपनीय होती है, जिसकी कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं कर सकते, लेकिन निश्चित तौर पर फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर प्रक्रिया और सख्त की जा रही है। गौरतलब है कि आयोग के पास किसी भी परीक्षा के बहुत से सवाल होते हैं। पेपर पर संदेह होने की स्थिति में आयोग तत्काल पहले से तय सवालों को हटाकर इनमें से नए सवालों का पेपर उपलब्ध करा देता है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। गोपनीय प्रक्रिया में भी बड़े बदलाव सूत्रों के मुताबिक, राज्य लोक सेवा आयोग ने गोपनीय प्रक्रिया में भी कई बदलाव किए हैं। परीक्षा से जुड़े हर पहलू पर नजर रखी जा रही है। पेपर प्रकाशित होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया को पहले से ज्यादा सख्त बना दिया गया है। आयोग का मकसद है कि दोबारा उसके दामन पर पेपर लीक का दाग न लगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जोशीमठ से मिली सीख, विकास के व्यावहारिक ठोस मॉडल की नितांत जरूरत: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून: जोशीमठ भू-धंसाव से सबक लेते हुए राज्य सरकार पर्वतीय जिलों में शहरी, कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का अलग मॉडल बनाने पर अब गंभीरता से विचार कर रही है। आने वाले समय में पहाड़ में विकास की नीति और नियोजन मैदान में लागू नियम शर्तों से अलग होगी। […]
जोशीमठ से मिली सीख, विकास के व्यावहारिक ठोस मॉडल की नितांत जरूरत: मुख्यमंत्री धामी

You May Like