उत्तराखंड के पर्यटन को दें नई पहचान, बनाएं प्रमोशन फिल्म और जीतें लाखों का इनाम

News Hindi Samachar

सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सुनहरा मौका, उत्तराखण्ड फिल्म परिषद ने बनाई खास योजना

देहरादून।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरकाशी के हर्षिल में राज्य के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के जो सुझाव दिए थे, उन पर धामी सरकार तेजी से काम कर रही है। उत्तराखंड फिल्म परिषद ने सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक विशेष प्रतियोगिता शुरू करने की योजना बनाई है, जहां विजेताओं को लाखों रुपये का इनाम मिलेगा।

प्रतियोगिता के तहत प्रतिभागियों को उत्तराखंड की विभिन्न थीम्स पर प्रमोशनल फिल्म बनानी होगी। जो फिल्म चयनित होगी, उसे सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा।

इन थीम्स पर बनानी होगी फिल्म

1️⃣ उत्तराखंड की संस्कृति – लोकसंस्कृति, लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक विरासत
2️⃣ होम स्टे पर्यटन – उत्तराखंड के अनूठे होम स्टे और स्थानीय आतिथ्य
3️⃣ बारहमासी पर्यटन – हर मौसम में घूमने लायक पर्यटन स्थल
4️⃣ पौराणिक मंदिर – देवभूमि के ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहर
5️⃣ आयुष एवं वेलनेस – योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र
6️⃣ अनछुए पर्यटन स्थल – कम प्रसिद्ध लेकिन अद्भुत प्राकृतिक स्थान
7️⃣ साहसिक पर्यटन – ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, बंजी जंपिंग जैसी रोमांचक गतिविधियाँ
8️⃣ वेडिंग डेस्टिनेशन – उत्तराखंड को शादी और प्री-वेडिंग शूट के लिए प्रमोट करना

पांच लाख तक का इनाम, ऑनलाइन होगी एंट्री

▶ फिल्म की अवधि: 1 मिनट से लेकर अधिकतम 5 मिनट तक
▶ पुरस्कार राशि: हर श्रेणी में सर्वोत्तम फिल्म को 3 से 5 लाख रुपये तक का इनाम
▶ एंट्री प्रक्रिया: प्रतियोगिता के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे
▶ फिल्म अपलोडिंग: प्रतिभागी अपनी फिल्म को ऑनलाइन अपलोड कर सकेंगे और इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित करने का भी अधिकार होगा।

उत्तराखंड के अनछुए पर्यटन स्थलों को दिलाएं पहचान

उत्तराखंड प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अद्भुत संगम है। कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जो अभी तक लोगों की निगाहों में नहीं आए हैं। इस प्रतियोगिता के जरिए इन स्थानों को वैश्विक पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

“उत्तराखंड फिल्म परिषद जल्द ही इस योजना को लॉन्च करेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसका स्वरूप तैयार कर लिया गया है। यह राज्य के पर्यटन और संस्कृति को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का महत्वपूर्ण कदम होगा।” – बंशीधर तिवारी, सूचना महानिदेशक

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

प्रदेश में अब कोई भी सॉफ्टवेयर और ऐप बनाने से पहले आईटीडीए की अनुमति लेना अनिवार्य

देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी सरकारी विभाग यदि कोई नया सॉफ्टवेयर या मोबाइल ऐप विकसित कराना चाहते हैं, तो उन्हें पहले आईटीडीए की तकनीकी टीम से अनुमोदन लेना होगा इसके बाद ही वे इसे बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। उत्तराखंड में […]
प्रदेश में अब कोई भी सॉफ्टवेयर और ऐप बनाने से पहले आईटीडीए की अनुमति लेना अनिवार्य

You May Like