देहरादून। प्रधानमंत्री के लक्ष्य को साकार करने एवं किसानों की आय को दोगुना करने के उद्देष्यों के अन्तर्गत पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार के इनविस सचिवालय द्वारा विभिन्न व्यवसायिक कार्यक्रमों का आयोजन हरित कौषल विकास कार्यक्रम के माध्यम से किया जा रहा है। इन व्यवसायिक कार्यक्रमों के अन्तर्गत गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के इनविस केन्द्र द्वारा ”वन्य मौन पालन एवं प्रस्ंसकरण“ पर 15 दिवसीय प्रषिक्षण कार्यक्रम चलाया गया। जिसमें उत्तराखण्ड के 8 जिलों से 30 प्रषिक्षणार्थी भाग लिया। इस प्रषिक्षण कार्यक्रम को आॅन लाइन तथा आॅफ लाइन माध्यम से सभी प्रषिक्षणार्थियों को हैण्डस आॅन टैªनिंग द्वारा मौन पालन से स्वरोजगार संर्वधन हेतु तैयार किया गया। जिसमें 19 विषय विषेषज्ञों द्वारा व्याख्यान, फिल्ड विजिट एवं हैण्ड आन ट्रैनिंग के माध्यम से हिमालयी क्षेत्रों में मौन पालन द्वारा स्वरोजगार की संम्भावनाओं को तलाषने में अहम भूमिका निभायेगा। कार्यक्रम के दौरान प्रषिक्षणार्थियों को धारी ग्राम के मौन पालक श्री प्रेम बल्लभ पाण्डे के द्वारा मौन पालन की चुनौतियांे एवं ग्रीष्म कालीन एवं वर्षा ऋतु में मौन वंषों का बचाव की तकनीक के विषय में जानकारी दी गयी। इसी क्रम में चैरा ग्राम के मौन पालक श्री नारायण सिंह द्वारा मौन बाक्सों के रख रखाव उनकी स्वच्छता एवं परम्परागत, आधुनिक तरीकों से मौन पालन के विषय में बताया गया। कार्यक्रम के दौरान विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में भी प्रषिक्षणार्थियों को विभिन्न कीटों का परागगण में महत्व से संबंधित जानकारी दी। इस कार्यक्रम के अगले दिन सभी प्रषिक्षणार्थियों को राजकीय मौन पालन केन्द्र ज्योलीकोट, नैनीताल में पी.एस. कनवाल, श्रीमती यषोदा रावत एवं श्री विनोद कुमार द्वारा 1952 पं0 राजन प्रसाद मुट्टु संग्राहलय में कई प्रकार के मौन बाक्सों तथा विभिन्न मौन वंषों के लिए अनुकूल मौन बाक्सों के विषय में जानकारी साझा की कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्य अतिथि भारतीय स्टेट बैंक कोसी के शाखा प्रबंधक मोहन चन्द्र काण्डपाल द्वारा सभी प्रषिक्षणार्थियों को इनविस सचिवालय द्वारा प्रमाणित प्रमाण पत्र तथा मौन बाॅक्स वितरित किया तथा विभिन्न कृषि संबंधित एवं मौन पालन संबंधित ऋण योजनाओं के विषय में बताया गया ताकि वे सभी प्रारम्भ में स्वरोजगार हेतु वित्तीय सहायता से लाभान्वित हो सकें। कार्यक्रम में इनविस केन्द्र के समन्वयक डा0 गिरीष नेगी, डा0 रविन्द्र जोषी, डा0 प्रदीप टम्टा, डा0 महेषा नन्द, विजय सिंह बिष्ट, कमल किषोर टम्टा एवं प्रषिक्षणार्थी शामिल थे।
किसी की कोई भी शिकायत है तो पार्टी फोरम रखेंः सीएम
Tue Feb 22 , 2022
हरिद्वार। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव 2022 खत्म होने के बाद से भाजपा में भितरघात को लेकर विधायक और भाजपा के प्रत्याशी चुनाव के दौरान पार्टी के नेताओं पर ही भितरघात का आरोप लगा चुके हैं। इस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसी की कोई भी शिकायत है […]

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प्रदेश में राफ्टिंग गाइडों को मिलेगा सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षणप्रदेश में राफ्टिंग गाइडों को मिलेगा सीपीआर और प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षणजनवरी 2026 से शुरू होगा तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम देहरादून। राज्य में राफ्टिंग पर्यटन को और सुरक्षित व व्यवस्थित बनाने की दिशा में सरकार ने अहम कदम उठाया है। अब गंगा सहित अन्य नदियों में राफ्टिंग कराने वाले गाइडों के लिए प्राथमिक चिकित्सा और सीपीआर का प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पर्यटकों को तुरंत मदद मिल सके। सचिवालय में आयोजित बैठक में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने राफ्टिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ राज्य में राफ्टिंग गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में तय किया गया कि प्रदेश के करीब 900 राफ्टिंग गाइडों को तीन दिवसीय फर्स्ट एड और सीपीआर प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण चरणबद्ध तरीके से यूएसए स्थित हैनीफिल सेंटर संस्था के सहयोग से आयोजित किया जाएगा, जिसकी शुरुआत जनवरी 2026 के पहले सप्ताह से होगी। बैठक में राफ्टिंग गाइडों की अधिकतम आयु सीमा को 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही राफ्टिंग एसोसिएशन की ओर से उठाए गए अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इनमें नदी तटों पर राफ्टिंग कैंपों की स्थापना, गंगा नदी की वहन क्षमता का पुनर्मूल्यांकन, मुख्य मार्ग से राफ्टिंग पिकअप प्वाइंट तक पहुंच व्यवस्था में सुधार और राफ्टिंग पर्यटकों की सुरक्षा के लिए एंबुलेंस सुविधा की व्यवस्था शामिल है। पर्यटन सचिव ने आश्वासन दिया कि राफ्टिंग से जुड़े इन सभी विषयों पर शीघ्र प्रभावी निर्णय लिए जाएंगे, ताकि प्रदेश में साहसिक पर्यटन को सुरक्षित और आकर्षक बनाया जा सके।
News Hindi Samachar December 23, 2025
