ईरान का बड़ा कदम, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से वसूलेगा 20 लाख डॉलर

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अलाएद्दीन बोरोजेर्दी बोले—“युद्ध की एक कीमत होती है”

तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारी शुल्क लगाने का फैसला किया है। इस निर्णय से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में नई हलचल तेज होने की आशंका है।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर करीब 20 लाख डॉलर (लगभग 18 करोड़ रुपये) का शुल्क लगाने की घोषणा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति से जुड़े अलाएद्दीन बोरोजेर्दी ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए इसे देश की संप्रभुता और रणनीतिक ताकत का प्रतीक बताया है।

बोरोजेर्दी ने कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह का कदम उठाना जरूरी है और “युद्ध की एक कीमत होती है”, इसलिए जहाजों से शुल्क वसूला जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए होर्मुज मार्ग को पूरी तरह खोलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, ईरान की ओर से पहले यह कहा गया था कि यह रास्ता उसके विरोधियों को छोड़कर अन्य देशों के लिए खुला है, लेकिन अब शुल्क लगाने के फैसले ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की पाबंदी या अतिरिक्त शुल्क का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

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