स्वामी विवेकानन्द जी ने अपनी शिक्षाओं से बताया राष्ट्रवाद का सार : डाॅ. बत्रा

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स्वामी विवेकानन्द जी ने अपनी शिक्षाओं से बताया राष्ट्रवाद का सार : डाॅ. बत्रा

स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर कालेज की शौर्य दीवार पर स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर वंदन एवं छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ सुनील कुमार बत्रा प्राचार्य एवं डॉ सरस्वती पाठक

हरिद्वार। एस.एम.जे.एन. पी.जी. काॅलेज में उत्तराखण्ड शासन के निर्देशानुसार प्रातः 11ः00 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक स्वामी विवेकानन्द जी के जन्मदिवस के अवसर पर (राष्ट्रीय युवा दिवस) ‘‘स्वामी विवेकानन्द जी के विचारों की उत्तराखण्ड राज्य के परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता’’ विषय पर राज्य स्तरीय निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। निबन्ध प्रतियोगिता में काॅलेज के स्नातक व स्नातकोत्तर कक्षाओं के 169 छात्र-छात्राओं ने अपना पंजीयन करवाया जिसमें से 138 छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। उक्त जानकारी देते हुए काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार ने बताया कि प्रतियोगिता में राज्य स्तर पर प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले प्रतियोगियों को नकद पुरस्कार के रूप में क्रमशः रु. 100000, रु. 75000 व रु. 50000 की धनराशि का वितरण दिनांक 23 जनवरी, 2021 को नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के जन्मदिवस के अवसर पर किया जायेगा।


स्वामी विवेकानन्द जी के जन्म दिवस के अवसर पर काॅलेज में निर्मित शौर्य दीवार पर वीर सैनिकों को नमन करते हुए काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुनील कुमार बत्रा ने कहा कि अपने विचारो से दुनियाभर में भारत का नाम रोशन करने वाले स्वामी विवेकानन्द जी का आज जन्मदिन है। वह एक सच्चे राष्ट्रभक्त थे, उनकी राष्ट्रभक्ति व प्रेम की भावना किसी से छुपी नहीं है। डाॅ. बत्रा ने बताया कि स्वामी विवेकानन्द जी ने अमेरिका के शिकागो में आयोजित हुए विश्व धर्म सम्मेलन में हिन्दू धर्म के महान विचारों को दृढ़ता से रखा था। उन्होंने कहा कि विवेकानन्द जी की सोच आज भी न सिर्फ हिन्दुस्तानी युवाओं अपितु दुनिया के अनेक देशों में प्रेरणास्त्रोत है। यही वजह है कि देश में 12 जनवरी को उनके जन्मदिवस के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी ने अपने साहसिक लेखन से हमें राष्ट्रवाद का सार सिखाया।
मुख्य अनुशासन अधिकारी डाॅ. सरस्वती पाठक ने राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामना देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व थे जिसके कारण वे आज भी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं।
मुख्य अधिष्ठाता छात्र कल्याण डाॅ. संजय कुमार माहेश्वरी ने ‘स्वामी विवेकानन्द जी के विचारों की उत्तराखण्ड राज्य के परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय निबन्ध प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले प्रतिभागियों को अपनी शुभकामना देते हुए सभी छात्र-छात्राओं से स्वामी विवेकानन्द जी के आदर्शों का पालन करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डाॅ. जगदीश चन्द्र आर्य, डाॅ. सुषमा नयाल, डाॅ. शिवकुमार चौहान, डाॅ. मनोज कुमार सोही, वैभव बत्रा, विवेक मित्तल, डाॅ. कुसुम नेगी, डाॅ. प्रज्ञा जोशी, विनीत सक्सेना, डाॅ. अमिता श्रीवास्तव, पंकज यादव, श्रीमती रिंकल गोयल, डाॅ. लता शर्मा, सुगन्धा वर्मा, डाॅ. रेनू सिंह, डाॅ. विनीता चौहान, रिचा मिनोचा, अंकित अग्रवाल, डाॅ. पदमावती तनेजा, दीपिका आनन्द, आस्था आनन्द, मोहन चन्द्र पाण्डेय, वेद प्रकाश चौहान, अशोक चौहान, घनश्याम सिंह, शिवप्रसाद डंगवाल आदि उपस्थित थे।

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