शिवसेना ने भी झोंकी पूरी ताकत, प्रत्याशियों के प्रचार के लिए पहुंच रहे आदित्य ठाकरे

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मुंबई। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपने-अपने प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा है। महाराष्ट्र के सत्तारूढ़ पार्टी शिवसेना ने भी उत्तर प्रदेश में अपने कैंडिडेट को चुनावी मैदान में उतारा है। शिवसेना फिलहाल महाराष्ट्र के बाहर भी अपनी पकड़ को मजबूत करने की कोशिश में जुटी है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और शिवसेना के वरिष्ठ नेता आदित्य ठाकरे आज उत्तर प्रदेश पहुंच रहे हैं। जानकारी के मुताबिक आदित्य ठाकरे उत्तरप्रदेश में शिवसेना के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। इससे पहले शिवसेना के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता संजय राउत ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे उत्तर प्रदेश में दो चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। राउत ने ट्वीट किया, वह (आदित्य ठाकरे) 306-डुमरियागंज (सिद्धार्थनगर जिला) और 265-कोरांव (प्रयागराज जिला) विधानसभा क्षेत्रों में शिवसेना उम्मीदवारों के लिए चुनावी रैलियां करेंगे।

राज्यसभा सदस्य ने ट्विटर पर अबकी बार तीर कमान का उपयोग करते हुए टिप्पणी की। उल्लेखनीय है कि तीर-कमान शिवसेना का पार्टी चिह्न है। उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीट के लिए सात चरणों में चुनाव हो रहे हैं, जिनमें से चार दौर का चुनाव संपन्न हो चुका है। शिवसेना की ओर से जिन लोगों को चुनावी मैदान में उतारा गया है उनमें पीलीभीत से धूप राम गंगवार, धौराहरा से मनीष कुमार अवस्थी और श्रीनगर से ज्ञान प्रकाश गौतम को टिकट दिया गया है। साथ ही साथ हुसैनगंज से पवन कुमार श्रीमाली, लखनऊ मध्य से गौरव वर्मा चुनावी मैदान में हैं। मोहम्मदी से प्रशांत दुबे, बिसयां से प्रभाकर सिंह चैहान और गोसाईगंज से पवन सिंह पर शिवसेना ने विश्वास जताया है। कुल मिलाकर देखें तो शिवसेना लगातार उत्तर प्रदेश की राजनीति में खुद को सक्रिय रखते हैं। हालांकि अब तक उसे बड़ी कामयाबी नहीं मिल सकी है।

राम मंदिर आंदोलन के बाद शिवसेना का ग्राफ महाराष्ट्र के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में बढ़ा। राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना की भूमिका काफी अहम है। उत्तरप्रदेश में शिवसेना 1991 से ही चुनाव लड़ रही है। पवन कुमार पांडे उसके विधायक चुने गए थे। यूपी के कई नगर निकायों में भी शिवसैनिक चुने जा चुके हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले शिवसेना और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के राम मंदिर के दर्शन करने आए ।थे उसी के बाद से संकेत मिलने शुरू हो गए थे कि शिवसेना अब महाराष्ट्र के बाहर भी अपने पैर पसारने की कोशिश कर रहे हैं। शिवसेना हिंदुत्व की राजनीति करती है और अयोध्या, काशी, मथुरा जैसे शहर उसके लिए फिट बैठते हैं।

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