दिल्ली के लिए उत्तराखंड से 310 बसों का होगा संचालन, 194 पर लगा प्रतिबंद

News Hindi Samachar

सीएनजी बसों को एक दिन में तीन फेरे करने के दिए निर्देश

देहरादून। दिल्ली में पुरानी बीएस-4 डीजल बसों के प्रवेश पर प्रतिबंध के चार दिन बाद भी कोई समाधान नहीं तलाश सके उत्तराखंड परिवहन निगम को इस संकट से निकालने की कमान सरकार ने अपने हाथ में संभाल ली है। राज्य सरकार ने एक्शन-प्लान के अंतर्गत परिवहन निगम को वर्तमान में दिल्ली के लिए अनुमन्य सुपर डीलक्स बीएस-6 वोल्वो, बीएस-6 साधारण और अनुबंधित सीएनजी बसों को एक दिन में तीन फेरे (डेढ़ ट्रिप) संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

निगम के पास ऐसी 12 वोल्वो और 180 अनुबंधित सीएनजी साधारण और 77 बीएस-6 डीजल साधारण नई बसें हैं, जो दिल्ली जा रही हैं। इसके अलावा, 41 बसें बीएस-6 डीजल अनुबंधित भी हैं, जो स्थानीय मार्गों पर चल रही थी, उन्हें भी अब दिल्ली भेजा जा रहा है। राज्य सरकार ने निगम को 175 नई बसों की खरीद प्रक्रिया भी शीघ्र करने के निर्देश दिए हैं।शनिवार से लागू प्रतिबंध से पूर्व दिल्ली के लिए उत्तराखंड से 504 बसें नियमित दिल्ली जा रही थी, जिनमें 40 से 45 हजार यात्री प्रतिदिन आवागमन कर रहे थे। वर्तमान में 310 बसें ही जैसे-जैसे दिल्ली जा पा रही हैं और शेष 194 बसें खड़ी हो गई हैं।

प्रतिबंध से पहले निगम की 53 वोल्वो बसों में से 45 दिल्ली मार्ग पर संचालित हो रही थी। अकेले देहरादून से ही 27 बसें दिल्ली जबकि दो बसें गुरुग्राम जा रही थी। अब यह संख्या मात्र 12 रह गई है, जिसमें आठ देहरादून से चल रही हैं। इन बसों की ऑनलाइन टिकट बुकिंग फिर खोलने के साथ राज्य सरकार ने गत फरवरी में बोर्ड बैठक में स्वीकृत 100 सीएनजी व 75 डीजल बीएस-6 नई बड़ी बसों की खरीद त्वरित निविदा के अंतर्गत करने के निर्देश भी दिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पाकिस्तान की हिमाकत पर कोई हैरानी नहीं

बलबीर पुंज समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि भगत सिंह “मुसलमानों के प्रति शत्रुतापूर्ण मजहबी नेताओं से प्रभावित थे और भगत सिंह फाउंडेशन इस्लामी विचारधारा और पाकिस्तानी संस्कृति के खिलाफ काम कर रहा है, (और) इस पर प्रतिबंध लगना चाहिए।” बकौल रिपोर्ट, “फाउंडेशन के अधिकारी जो खुद को […]
पाकिस्तान की हिमाकत पर कोई हैरानी नहीं

You May Like