अल्मोड़ा व हरिद्वार मेडिकल कॉलेज को मिले एक दर्जन फैकल्टी

News Hindi Samachar

स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने दी नियुक्ति की मंजूरी

देहरादून। प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करते हुये राज्य सरकार ने एक दर्जन और मेडिकल फैकल्टी की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इनमें से 07 संकाय सदस्यों को सोबन सिंह जीना राजकीय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एण्ड रिसर्च, अल्मोड़ा तथा 05 फैकल्टी को राजकीय मेडिकल कॉलेज, हरिद्वारा में संविदा के माध्यम से नियुक्ति दी गई है। मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की तैनाती से छात्र-छात्राओं के पठन-पाठन जहां सुचारू होगा वहीं मरीजों को भी बेहतर उपचार मिल सकेगा।

सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नियमित फैकल्टी की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग मेडिकल कॉलेजों में संविदा के माध्यम से फैकल्टी तैनात कर रहा है। इसी कड़ी में हल्द्वानी, श्रीनगर तथा दून मेडिकल कॉलेज के बाद अब सरकार ने राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा तथा हरिद्वार में विभिन्न संकायों के एक दर्जन मेडिकल फैकल्टी की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को 07 जबकि हरिद्वार मेडिकल कॉलेज को 05 फैकल्टी मिली है।

जिसमें अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में फर्माकलॉजी विभाग में प्रोफेसर पद पर डॉ. नवप्रीत कौर, एनेस्थिसियोलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डॉ. शैलश कुमार लोहनी, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर में डा. अंशुल ममगांई तथा मेडिकल ऑफिसर पद पर डॉ. पूनम गडकोटी व डा. अक्षय राजवार शामिल हैं। ऑब्स एंड गायनी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डा. ममता सौटियाल तथा डा. एकता रावत का चयन किया गया है दोनों को पीजी डिग्री प्राप्त होने के उपरांत नियुक्ति पत्र निर्गत किया जायेगा। इसी प्रकार राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार में फर्माकलॉजी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर डॉ. सौम्या पाण्डे, जनरल सर्जरी में डा. महिम खान, एनेस्थिसिया में डा. प्रियंका कश्यप, एनाटॉमी में डॉ. हिना फातिमा तथा अर्बन हैल्थ ट्रेनिंग सेंटर में मेडिकल ऑफिसर पद पर डा. कीर्ति बंसल को नियुक्ति दी गई है।

सभी अभ्यथियों का चयन हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में गठित साक्षात्कार समिति द्वारा वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को संविदा के आधार पर नियुक्ति प्रदान की गई है। मेडिकल कॉलेज में चयनित फैकल्टी तथा मेडिकल ऑफिसर को तीन वर्ष अथवा उक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक जो भी पहले हो के लिये नियुक्त किया गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा तथा हरिद्वार में संकाय सदस्यों की नियुक्ति से शैक्षणिक गतिविधियों में जहां सुधार होगा वहीं मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा।

बयान-
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी के शत-प्रतिशत पदों का भरा जायेगा। इसके लिये सरकार प्रयासरत है। हल्द्वानी, श्रीनगर तथा दून मेडिकल कॉलेज के साथ ही अब अल्मोड़ा और हरिद्वार में भी एक दर्जन संकाय सदस्यों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। हमारा मकसद मेडिकल कॉलेजों में गुणवत्तापरक शिक्षा के साथ-साथ बेहतर चिकित्सकीय उपचार मुहैया कराना है।– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कई बुजुर्ग अपने अपमान के विरुद्ध खामोश रहते ही हैं

रजनीश कपूर सभी वरिष्ठ नागरिकों शायद को ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरणपोषण तथा कल्याण अधिनियम, 2007’ के कानून की जानकारी रखनी चाहिए ताकि अपने साथ हो रहे दुर्व्यवहार और अपमान के ख़िलाफ़ न्याय लेने के लिए कोर्ट भी जा सकते हैं।  माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरणपोषण तथा कल्याण […]
कई बुजुर्ग अपने अपमान के विरुद्ध खामोश रहते ही हैं

You May Like