राजस्थान में क्यों नहीं हुई कार्रवाई: गौरव भाटिया

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नयी दिल्ली। विपक्ष के 13 नेताओं ने अपने संयुक्त बयान में देश में हुई हालिया सांप्रदायिक हिंसा और घृणापूर्ण भाषण संबंधी घटनाओं को लेकर गंभीर चिंता जतायी और लोगों से शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की अपील की। इसके साथ ही विपक्षी नेताओं ने इन मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया है। विपक्षी दलों के संयुक्त बयान पर अब भाजपा ने भी पलटवार किया है। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि आज कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों ने एक संयुक्त अपील की है लेकिन, यह अपील कांग्रेस और विपक्ष के इरादों की तरह ही फर्जी है। आज लोग उनसे पूछ रहे हैं कि करौली हिंसा के मुख्य आरोपी को 14 दिन बाद भी गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया?

गौरव भाटिया ने आगे कहा कि राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि एमपी में सीएम शिवराज सिंह चैहान ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. बहुत दुख की बात है कि आप विपक्ष में होते हुए भी आग लगाने का काम करते हैं। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष अपनी हार न देखकर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। वह सालों से सत्ता में रहे और रिकॉर्ड दंगे इनकी सरकारों में हुए हैं। राजस्थान में पिछले एक साल में 60 दंगों की घटनाएं हुईं हैं लेकिन सोनिया गांधी जी 60 सेकेंड भी उस पर नहीं बोली।

आपको बता दें कि संयुक्त बयान में 13 विपक्षी दलों ने कहा है कि वे ‘क्षुब्ध’ हैं कि भोजन, वेशभूषा, आस्था, त्योहारों और जैसे मुद्दों का इस्तेमाल सत्ता प्रतिष्ठान द्वारा समाज का ध्रुवीकरण करने के लिये किया जा रहा है। यह बयान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडुके मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत 13 नेताओं द्वारा जारी किया गया है। संयुक्त बयान में विपक्ष के नेताओं ने कहा, हम प्रधानमंत्री की चुप्पी को लेकर स्तब्ध हैं जोकि ऐसे लोगों के खिलाफ कुछ भी बोलने में नाकाम रहे, जो अपने शब्दों और कृत्यों से कट्टरता फैलाने और समाज को भड़काने का काम कर रहे हैं। यह चुप्पी इस बात का तथ्यात्मक प्रमाण है कि इस तरह के निजी सशस्त्र भीड़ को आधिकारिक संरक्षण प्राप्त है।

एकजुट होकर सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने का अपना संयुक्तसंकल्प जताते हुए विपक्षी नेताओं ने कहा, हम उस जहरीली विचारधारा से मुकाबले करने संबंधी अपने संकल्प को दोहराते हैं जोकि हमारे समाज में फूट डालने की कोशिश कर रही है। बयान में कहा गया, हम सभी वर्गों के लोगों से अपील करते हैं कि शांति बनाए रखें और ऐसे लोगों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दें जोकि सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को और गहरा करना चाहते हैं। गौरतलब है कि 10 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर देश के कुछ हिस्सों से सांप्रदायिक हिंसा की खबरें सामने आयी थीं।

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