नेपाल में भारतीय व्यंजन ‘पानी-पूरी’ पर प्रतिबंध

महराजगंज:  पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल की राजधानी काठमांडू में भारतीय व्यंजन ”पानी-पूरी” पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह फैसला उल्टी-दस्त के बढ़ते मामलों की वजह से लिया गया है। आशंका जतायी जा रही है कि इसके पानी में छुपे बैक्टीरियों की वजह से उल्टी-दस्त के मामले बढ़ रहे हैं। सरकार के इस निर्णय से न सिर्फ भारतीय व्यवसायी प्रभावित हुए हैं बल्कि रेस्तरां और होटल्स का व्यवसाय भी प्रभावित हुआ है।

इस संबंध में शहर के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बलराम त्रिपाठी का कहाना है कि शहर में तेजी से फैल रही उल्टी-दस्त की बीमारी के कारण स्ट्रीट फूड पर प्रतिबंध लगाने का सरकार ने निर्णय लिया है। यह निर्णय काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी की बैठक में लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर काठमांडू में कोई स्ट्रीट फूड बेचता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उनका दावा है कि सरकार द्वारा कराई गई जांच में पानी-पूरी के पानी में उल्टी-दस्त के बैक्टीरिया मिले हैं। इस वजह से काठमांडू शहर में पानी-पूरी बेचने वालों को प्रतिबंधित कर दिया गया है।

उन्होंने निर्णय को सही बताते कहा कि नेपाल की राजधानी काठमांडू में हैजा फैलने के कारण इसके खतरे भारत के सीमाई इलाके तक पहुंचने से इनकार नहीं किया जा सकता। वजह वहां की सीमा से सटे नागरिकों का नेपाल आना-जाना लगा रहता है।

इधर, फूड टेक्नोलॉजी एंड क्वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेंट से होटल और रेस्तरां में मिलने वाले खानों की गुणवत्ता की जांच करने का आग्रह भी किया गया है। यदि होटल और रेस्तरां के खाने में स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली बात प्रकाश में आती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

बता दें कि उल्टी-दस्त एक जल जनित बीमारी है। इसका बैक्टीरिया पानी के जरिए तेजी से फैलता है। इसका शिकार होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है और मरीज बार-बार उल्टी-दस्त करने लगता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

देश में कोरोना के 17,092 नए मरीज

नई दिल्ली: देश में कोरोना के नए मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में शनिवार सुबह आठ बजे तक देश में कोरोना के 17,092 नए मरीज मिले हैं। इस अवधि में कोरोना महामारी को मात देने वाले लोगों की संख्या 14,684 है। जबकि कोरोना संक्रमित 29 मरीजों की […]
देश में कोरोना के 17,092 नए मरीज

You May Like