बोम्मई के मंत्रिमंडल चयन हस्तक्षेप नहीं करूंगाः येदियुरप्पा

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चामराजनगर (कर्नाटक)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को दोहराया कि वह नए मंत्रिमंडल में मंत्रियों के चयन को लेकर हस्तक्षेप नहीं करेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)के वरिष्ठ नेता ने कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने का काम जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि नए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत के जरिये अपनी टीम को चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। येदियुरप्पा जिले में अपने एक प्रशंसक के परिजनों से मिलने आए थे जिसने उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से आहत होकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
येदियुरप्पा ने मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये दिए। उन्होंने कहा, “बोम्मई आज दिल्ली में हैं, कुछ दिनों में वह केंद्रीय नेताओं से मंत्रिमंडल पर चर्चा कर इसका स्वरूप तय करेंगे, किसे मंत्री बनाना है और किसे नहीं मैं इसे लेकर हस्तक्षेप नहीं करूंगा। बोम्मई पूरी तरह स्वतंत्र हैं, वह चर्चा करेंगे और अपने मंत्रियों का चयन करेंगे… मैं इस पर कोई सुझाव नहीं दूंगा।” उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि नए मुख्यमंत्री को उनकी यही सलाह है कि वह अच्छा काम करें। येदियुरप्पा ने कहा कि बोम्मई ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वह गरीबों और वंचितों की मदद करेंगे।
कांग्रेस-जनता दल (एस) गठबंधन को छोड़कर 2019 में भाजपा में शामिल होकर सरकार बनाने में सहायता करने वाले विधायकों को मंत्रीपद दिए जाने के बाबत पूछे गए सवाल के जवाब में 78 वर्षीय नेता ने कहा कि इस पर बोम्मई निर्णय लेंगे। इस बीच मंत्रीपद पाने की आस लगाए नेताओं ने मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए लॉबिंग जारी रखी है। येदियुरप्पा ने कहा कि वह अगले चुनाव में पार्टी को 130-135 सीटें दिलाने का लक्ष्य लेकर आने वाले दिनों में राज्य भर में यात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा को इसका आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि गणेश चतुर्थी (10 सितंबर) के बाद वह हर सप्ताह एक जिले में जाएंगे और संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं की बैठक करेंगे। येदियुरप्पा, गुन्डलूपेट तालुका के बोम्मलपुरा में अपने प्रशंसक राजप्पा (रवि) के परिजनों से मिले जिसने मुख्यमंत्री पद से उनके इस्तीफा देने से आहत होकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। येदियुरप्पा ने कहा, “उसके इस कदम से मुझे अत्यंत पीड़ा हुई है, यह नहीं होना चाहिए था। उसकी मां और दो बहने हैं और उसने शादी नहीं की थी। उसके परिवार की देखभाल करना मेरी जिम्मेदारी है इसलिए मैंने उसकी मां को पांच लाख रुपये दिए हैं। उसके बैंक खाते में पांच लाख और डाल दूंगा ताकि उस पर ब्याज मिलता रहे। उनके लिए और जो भी कर सकता हूं, करूंगा।

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