कृषि मंत्री ने गन्ना किसानों को दी बड़ी सौगात, ऑर्गेनिक गन्ना क्रेशर का शुभारंभ

News Hindi Samachar

हरिद्वार: प्रदेश के कृषि, कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी आज झबरेड़ा के ग्राम शेरपुर खेलमऊ पहुंचे। वहां उन्होंने जीवामृत ऑग्रेनिक फार्मर प्रोडयूशर कम्पनी लि. का गन्ना क्रेशर पेराई सत्र 2022-23 का शुभारम्भ किया। झबरेड़ा के ग्राम शेरपुर पहुंचने पर कृषि मंत्री गणेश जोशी का भव्य स्वागत किया गया।

कृषि मंत्री गणेश जोशी अस्वस्थ होने के बावजूद भी कार्यक्रम में पहुंचे और ऑर्गेनिक गन्ना क्रेशर का शुभारंभ कर किसानों को बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मैं मंदिर, सैनिकों और किसानों के कार्यक्रम कभी नहीं छोड़ता हूं। मंत्री जोशी ने खुशी जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो सपना है किसानों की आय दोगनी करने का उसको पूरा करने का काम और शुरूवात अगर कहीं से हो रही है, तो वह इस ऑर्गेनिक गन्ना क्रेशर से हो रही है।

मंत्री जोशी ने कहा कि क्षेत्र में इस ऑर्गेनिक गन्ना क्रेशर की शुरुआत होने से जहां गन्ना किसानों को इसका लाभ होगा। वहीं दूसरी तरफ ऑर्गेनिक को भी निश्चित तौर पर मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में में अभी 34 प्रतिशत ऑर्गेनिक है, परंतु सरकार का संकल्प है कि जब राज्य 25 वर्ष का होगा तो हम किसानों की आय और ऑर्गेनिक खेती को दुगना करेंगे, इस दिशा में सरकार लगातार प्रयासरत है।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि चाहे केंद्र की सरकार हो या राज्य की, किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसके साथ ही मंत्री जोशी ने क्षेत्र में किसानों को लैब की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता कर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। साथ ही मंत्री जोशी ने क्षेत्र में बंद में खाद के गोदाम को शीघ्र सुचारू करने का भी आश्वासन दिया।

इस अवसर पर चेयरमैन विजयपाल, पूर्व विधायक चौधरी यशवीर, चौधरी अजीत सिंह, राजपाल, पवन तोमर, शीशपाल, सहित कई लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

शिक्षा खेतों और गांव तक पहुंचे : राज्यपाल

देहरादून: प्रदेश के राज्यपाल से सोमवार को राजभवन में जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,पंतनगर के छात्र-छात्राओं ने मुलाकात कर अपने फिलीपींस अनुभवों को साझा किया। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि कक्षा और प्रयोगशाला के बाद शिक्षा गांव और खेतों तक पहुंचे इसके लिए छात्रों को काम करना होगा। […]
शिक्षा खेतों और गांव तक पहुंचे : राज्यपाल

You May Like