कांग्रेस पार्टी पिछले 24 साल से ओडिशा में सत्ता से बाहर है। लोकसभा चुनाव में भी उसका वोट आधार लगातार सिमटता गया है और पिछली बार उसे साढ़े 13 फीसदी के करीब वोट मिला था। असल में 15 साल पहले बीजू जनता दल और भाजपा का तालमेल समाप्त होगा और […]
अजय दीक्षित अविभाजित भारत में किसी भी राज्य में किसी एक धर्म या सम्प्रदाय के लोगों की बहुतायत नहीं थी । यह सत्य है कि बंगाल और पंजाब के कुछ हिस्सों में मुसलमान ज्यादा थे तो और हिस्सों में हिन्दू ज्यादा था । आरोप यह है कि ब्रिटिश की कूटनीति […]
अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक औंस सोने का भाव 2100 डॉलर से ऊपर चला गया है। सोने के भाव में इस बढ़ोतरी के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन की कीमत ने भी रिकॉर्ड बनाया है। इन दोनों घटनाओं में आपसी रिश्ता है। दुनिया भर में सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची है। […]
श्रुति व्यास क्या आपको एमएच 370 याद है? वह फ्लाइट जो आकाश से अचानक गायब हो गई थी और जिसका फिर कुछ पता ही नहीं चला। इस विशाल हवाईजहाज़ का एक छोटा-सा टुकड़ा तक नहीं मिला। कोई खिडक़ी, पंख का टूटा हुआ हिस्सा, कोई कटा-फटा सूटकेस जिसमें मरने वाले के कपड़े […]
अजीत द्विवेदी लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले पार्टियों ने उम्मीदवारों की घोषणा शुरू कर दी है। पहले इक्का दुक्का पार्टियां ऐसा करती थीं लेकिन अब यह परंपरा बन गई है। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी ने 30 से ज्यादा उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। आम आदमी पार्टी ने […]
साझा न्यूनतम कार्यक्रम के अभाव में इंडिया गठबंधन महज सीटों का एक तालमेल है- जिसका मकसद भाजपा विरोधी वोटों का बिखराव रोकना है। यह अपने-आप में अच्छी पहल है, लेकिन इसे ‘कुछ नहीं से कुछ बेहतर’ से ज्यादा की रणनीति नहीं माना जाएगा। आखिरकार विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन की […]
एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी थोक के भाव सांसदों की टिकट काटने जा रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस यथास्थिति रखने वाली है। पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस इस बार शायद की किसी सांसद की टिकट काटेगी। राज्यों से भी सभी मौजूदा सांसदों के नाम […]
इस बार लोकसभा चुनाव में राजनीति के कई दिग्गजों की किस्मत दांव पर लगी है और कई लोगों को बुरे दिन आने वाले हैं लेकिन राजनीति से अलग कॉरपोरेट के कई दिग्गजों के इन दिनो बुरे दिन चल रहे हैं। हालांकि सबके बुरे दिन आने के अलग अलग कारण हैं […]
आखिर देश में कानून और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का यह हाल क्यों हो गया है कि एक कंपनी उसकी तनिक परवाह नहीं करती? क्या इसका कारण गुजरे वर्षों में हुई बड़ी परिघटनाएं नहीं हैं, जिनमें कानून के राज की धज्जियां उड़ाई गई हैं? सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद के […]
हरिशंकर व्यास भारत के लोकतंत्र का अभूतपूर्व तथ्य है जो 1952 से अभी तक के लोकसभा चुनावों में कभी भी, किसी भी सत्तारूढ़ पार्टी को 50 प्रतिशत पार वोट नहीं मिले। पचास प्रतिशत करीब के 48 प्रतिशत वोट का रिकॉर्ड केवल राजीव गांधी के 1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस […]