सदियों तक गुलाम रहने के बावजूद भी हमने अपनी संस्कृति को नहीं छोड़ा: राज्यपाल

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देहरादून: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने कहा कि हमने सदियों तक गुलाम रहने के बावजूद भी अपने विचारों, संस्कृति और अपनी सभ्यता को नहीं छोड़ा। जिस कारण आज भी हमारा परिवार जीवित है। राजभवन सभागार में राज्यपाल ने हमारा परिवार संस्था के ‘‘स्नेह मिलन’’ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि यह बातें कही। राज्यपाल ने कहा कि परिवार हमारे देश की प्राचीन सभ्यता का मूल है। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ अर्थात् पूरी धरती ही हमारा परिवार है। हमारे ऋषि-मुनियों की सोच एक स्थान एक प्रदेश एक देश या एक महाद्वीप तक ही नहीं रही, बल्कि पूरी पृथ्वी को परिवार कहने की विशाल सोच रही है।हमारा परिवार उस खोई हुई सभ्यता, संस्कृति, विचार, प्रेम, आदर आदि को फिर से संजोने का प्रयत्न है। राज्यपाल ने कहा कि इस परिवार का सदस्य बनकर मैं स्वयं को सौभाग्यशाली समझता हूं। संस्था की ओर से ‘‘मैं’’ नहीं ‘‘हमारा’’ की भावना से जो कार्य किया जा रहा है वह सराहनीय है। परिवार समाज का वह हिस्सा है, जो पूरे राष्ट्र और समाज को प्रबल बनाता है। जीवन को जीने का तरीका हम परिवार में ही सीखते हैं। राज्यपाल ने कहा कि दूसरों के लिए कुछ करना और उनके जीवन में आशा की नयी किरण लाना ही हमारा असली उद्देश्य होना चाहिए। हमें अपनी संस्कृति, सभ्यता और इतिहास को बचाने के लिए संगठित होकर कार्य करना होगा। कार्यक्रम के दौरान नव ज्योति संस्था ने सांस्कृतिक कार्यक्रम व देव संस्कृति विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा योगाभ्यास करतब दिखाए गए।

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