मंडलायुक्त दीपक रावत ने तहसील कार्यालय रामनगर का किया निरीक्षण

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दाखिल-खारिज से संबंधित अधिकांश पत्रावलियों के 35वें दिन निरस्त होने पर तहसीलदार का स्पष्टीकरण लेने के दिए निर्देश

दो वर्ष से अधिक समय से लंबित खुर्रे से संबंधित पटवारियों से भी स्पष्टीकरण लेने के दिए निर्देश

रामनगर: मंडलायुक्त कुमाऊँ दीपक रावत ने सोमवार को तहसील कार्यालय रामनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजस्व अभिलेखों, न्यायालयीन प्रकरणों तथा जनसामान्य से संबंधित विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

मंडलायुक्त ने न्यायालय में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी वाद अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। सभी वादों की नियमित सुनवाई करते हुए नियमानुसार एवं समयबद्ध रूप से उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा जिन मामलों में कार्रवाई अपेक्षित है, उनमें अनावश्यक विलंब न करने के निर्देश दिए।

उन्होंने भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित धारा-143 के लंबित आवेदन पत्रों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे सभी लंबित प्रकरणों का 10 दिन के भीतर नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य से जुड़े राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में पारदर्शिता, नियमबद्धता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

दाखिल-खारिज से संबंधित अधिकांश पत्रावलियों के 35वें दिन निरस्त होने पर मंडलायुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तहसीलदार का स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज के मामलों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए समयबद्ध निस्तारण किया जाए। साथ ही, दो वर्ष से अधिक समय से लंबित खुर्रे से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित पटवारियों का भी स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने उप जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर लंबित सभी प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा आमजन को अपने कार्यों के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कार्यालयीय व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखते हुए राजस्व कार्यों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त से शिष्टाचार भेंट कर तहसील में एक अहलमद की तैनाती की मांग की। मंडलायुक्त ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर अहलमद की तैनाती की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिवक्ताओं से म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के मामलों में जन-जागरूकता बढ़ाने में सहयोग का आह्वान किया।

इस दौरान उप जिलाधिकारी गोपाल सिंह चौहान, तहसीलदार मनीषा मकराना सहित तहसील के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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